1. शोध संदर्भ एवं बमोरी की स्थिति
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्रारंभिक शिक्षा अनिवार्य है। इसके बावजूद गुना जिले के बमोरी विकास खंड के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में 'शाला त्यागी' (Dropout) और 'शाला से बाहर' (Out of School) बच्चों की संख्या एक गंभीर चुनौती है। विशेषकर सहरिया जनजाति के बच्चों और बालिकाओं का प्राथमिक स्तर पर स्कूल न जाना या बीच में पढ़ाई छोड़ देना यहाँ की सामाजिक-आर्थिक संरचना से जुड़ा है। इसके मूल कारणों के वैज्ञानिक अध्ययन हेतु एक निर्देशित साक्षात्कार अनुसूची (Interview Schedule) का निर्माण किया गया है, जिसे शोधकर्ता द्वारा अभिभावकों से प्रत्यक्ष संवाद कर भरा जाएगा।
2. शोध के निर्धारित प्रमुख उद्देश्य
- बमोरी ब्लॉक में शाला न जाने वाले बच्चों की पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि का विश्लेषण करना।
- मौसमी प्रवासन (Migration) का बच्चों की निरंतर स्कूल उपस्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करना।
- बालिकाओं की शिक्षा के प्रति ग्रामीण अभिभावकों के सांस्कृतिक एवं रूढ़िवादी दृष्टिकोण को समझना।
- विद्यालय की दूरी, शिक्षकों का व्यवहार और ढांचागत कमियों (जैसे पेयजल, शौचालय) की भूमिका का पता लगाना।
3. साक्षात्कार अनुसूची का प्रारूप (Interview Schedule Tool)
शोध उपकरण: प्राथमिक शाला न जाने के कारणों का अध्ययन (क्षेत्र: बमोरी, गुना)
भाग अ: पारिवारिक एवं जनसांख्यिकीय विवरण
1. ग्राम/मजरे का नाम: __________________ पंचायत: __________________
2. उत्तरदाता (अभिभावक) का नाम: __________________ व्यवसाय: __________________
3. सामाजिक वर्ग: [ ] सहरिया जनजाति (PVTG) [ ] अ.ज.जा. (ST) [ ] अ.जा. (SC) [ ] ओ.बी.सी. [ ] अन्य
4. परिवार की वार्षिक आय: __________________ क्या परिवार मजदूरी हेतु पलायन करता है? [ ] हाँ [ ] नहीं
5. बच्चे का नाम: __________________ आयु: _____ लिंग: [ ] बालक [ ] बालिका
भाग ब: शाला न जाने/छोड़ने के उत्तरदायी कारण (बहुविकल्पीय एवं खुले प्रश्न)
6. बच्चे की वर्तमान शैक्षिक स्थिति क्या है?
[ ] कभी स्कूल में नाम नहीं लिखाया (Never Enrolled)
[ ] नाम लिखाया था पर अब नहीं जाता (Dropped Out)
7. आर्थिक एवं आजीविका संबंधी कारण:
[ ] माता-पिता के साथ मजदूरी/ईंट-भट्ठे पर पलायन करना पड़ता है
[ ] महुआ, तेंदूपत्ता या अन्य वनोपज संग्रहण में माता-पिता का हाथ बंटाना
[ ] माता-पिता के काम पर जाने के कारण छोटे भाई-बहनों की घर पर देखभाल करना
[ ] अत्यधिक गरीबी के कारण कापी-किताब व कपड़ों का खर्च न उठा पाना
8. सामाजिक एवं लैंगिक कारण (बालिकाओं के संदर्भ में):
[ ] लड़की को पढ़ाना जरूरी नहीं समझते / घरेलू काम सिखाना प्राथमिकता है
[ ] कम उम्र में सगाई/विवाह हो जाना
[ ] गाँव के लोगों का बालिकाओं के बाहर जाने पर ताने मारना
9. विद्यालयी एवं प्रशासनिक कारण:
[ ] घर/सहराने से स्कूल की दूरी अधिक होना और रास्ते में नदी/नाले का होना
[ ] स्कूल में शिक्षक का नियमित न आना या पढ़ाई समझ में न आना
[ ] स्थानीय बोली (सहरिया/बुंदेली) और स्कूल की भाषा (हिंदी) में अंतर के कारण बच्चे का डरना
[ ] मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) का नियमित या गुणवत्तापूर्ण न मिलना
भाग स: सुधारात्मक सुझाव (अभिभावक की राय)
10. सरकार या स्कूल द्वारा क्या व्यवस्था की जाए जिससे आप अपने बच्चे को प्रतिदिन स्कूल भेजेंगे?
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4. शोध उपकरण की प्रासंगिकता एवं निष्कर्ष
बमोरी जैसे दूरस्थ अंचल में प्रश्नावली (Questionnaire) विधि सफल नहीं हो सकती क्योंकि अधिकांश उत्तरदाता निरक्षर या कम पढ़े-लिखे हैं। अतः यह निर्देशित अनुसूची अत्यंत उपयोगी है। इसके माध्यम से प्राप्त प्राथमिक समंकों (Primary Data) का सांख्यिकीय विश्लेषण कर बमोरी ब्लॉक के लिए विशेष 'एजुकेशन एक्शन प्लान' तैयार किया जा सकता है, जिसमें आवासीय विद्यालयों (Hostels) की क्षमता बढ़ाना एक प्रमुख समाधान सिद्ध होगा।